हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन पूरामिनी ने कहा कि 10 प्रमुख भाषाओं में सामग्री तैयार करना और प्रकाशित करना, धार्मिक शंकाओं के 13 हजार उत्तर उपलब्ध कराना, 50 हजार सवालों और जवाबों का संग्रह, लगभग 100 पुस्तकों का प्रकाशन तथा धार्मिक शंकाओं की पहचान और उनके समाधान से संबंधित 32 से अधिक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन केंद्र की प्रमुख क्षमताओं में शामिल है।
इस अवसर पर पूरामिनी ने केंद्र की नई वेबसाइट के विभिन्न भागों का परिचय देते हुए इसकी शैक्षणिक, शोध, प्रशिक्षण और संचार संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि केंद्र की गतिविधियों को दो प्रमुख विभागों में व्यवस्थित किया गया है। इनमें शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग और संपर्क एवं संचार विभाग शामिल हैं। नई वेबसाइट का उद्देश्य इन विभागों के शैक्षणिक प्रयासों और सेवाओं का परिचय कराना तथा केंद्र की शोध सामग्री तक लोगों की पहुंच आसान बनाना है।
उन्होंने आगे कहा कि नई वेबसाइट की प्रमुख विशेषताओं में से एक यह है कि इस पर दुनिया की 10 प्रमुख भाषाओं में सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है। वेबसाइट के विभिन्न भागों में सामग्री का कई भाषाओं में अनुवाद करने की सुविधा दी गई है। भविष्य में इन भाषाओं की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।

पूरामिनी ने वेबसाइट के विभिन्न भागों की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें ‘आज का लेख’ नाम से एक विभाग बनाया गया है। इसमें केंद्र के उद्देश्यों से संबंधित लेखों और रचनाओं का चयन करके प्रतिदिन प्रकाशित किया जाता है। इनमें कुछ लेख दैनिक आवश्यकताओं और समसामयिक विषयों को ध्यान में रखकर चुने जाते हैं, जबकि अन्य लेख तैयार करने और प्रकाशित करने की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्तियों को सौंपी जाती है।
‘आज की धार्मिक शंका’ विभाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें रोज सामने आने वाली धार्मिक शंकाओं में से लगभग पांच शंकाओं का चयन करके वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर प्रस्तुत किया जाता है। इनके उत्तर देने के लिए केंद्र के अपने शैक्षणिक संग्रह से सहायता ली जाती है। इसके अलावा, कुछ विषयों पर सामग्री तैयार करने और प्रकाशित करने के लिए संबंधित विशेषज्ञों तथा संस्थानों का सहयोग भी लिया जाता है।
केंद्र के प्रमुख ने वेबसाइट के एक अन्य महत्वपूर्ण भाग के बारे में बताया कि इसमें विभिन्न शैक्षणिक केंद्रों और स्रोतों से चुने गए उत्तर भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन उत्तरों का चयन करके उन्हें विषयवार व्यवस्थित किया जाता है और मूल स्रोतों के संदर्भ के साथ पाठकों के सामने प्रस्तुत किया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस संग्रह में कुल मिलाकर लगभग 50 हजार सवाल, जवाब और धार्मिक शंकाएं शामिल हैं। इन्हें 10 विषयगत विभागों में विभाजित किया गया है। यह संग्रह धार्मिक मान्यताओं, आस्था और विभिन्न धार्मिक विषयों पर अध्ययन एवं शोध के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत साबित हो सकता है।
वेबसाइट के पुस्तक विभाग के बारे में पूरामिनी ने कहा कि इसमें केंद्र के विभिन्न शैक्षणिक समूहों द्वारा चुनी गई, व्यवस्थित की गई और तैयार की गई पुस्तकों का परिचय भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि केंद्र की शोध गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया गया है। फिलहाल केंद्र के प्रकाशनों में लगभग 100 पुस्तकों के शीर्षक शामिल हैं। इन पुस्तकों में आस्था और इस्लामी धर्मशास्त्र से जुड़े विभिन्न विषयों के साथ-साथ धार्मिक शंकाओं की समीक्षा करके उनके तर्कपूर्ण उत्तर दिए गए हैं।
हौज़ा इल्मिया के धार्मिक शंकाओं के अध्ययन और उनके उत्तर देने वाले केंद्र की नई वेबसाइट ‘पासोख’ की शुरुआत धार्मिक मान्यताओं, धर्म और समाज से जुड़े सवालों एवं शंकाओं का प्रामाणिक और विद्वत्तापूर्ण ढंग से अध्ययन करने तथा उनके उत्तर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। यह वेबसाइट धार्मिक शिक्षाओं को स्पष्ट करने और पाठकों के सवालों के जवाब देने के लिए विशेष शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराती है।
वेबसाइट के प्रमुख विभागों में ‘पासोख प्लस’, ‘हमारा जवाब’, समाचार, प्रकाशित पुस्तकें एवं रचनाएं, आज का लेख, लेख, आज की धार्मिक शंका, विशेषांक, इंटरनेट टेलीविजन, मासिक पत्रिका ‘शुबहात’, रेडियो पासोख, पुस्तकों का परिचय, धार्मिक शंकाओं के अध्ययन पर आधारित शोध की छमाही पत्रिका, विशेष विषयों पर केंद्रित त्रैमासिक पत्रिका ‘पासोख’ और कॉमिक इन्फो शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र की शैक्षणिक और विशेषज्ञ सेवाओं से लाभ उठाने के लिए उसकी वेबसाइट pasokh.org पर जा सकते हैं।

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